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Jaapak
भगवद्गीताअध्याय 9

अध्याय 9: राजविद्याराजगुह्ययोग

Rāja Vidyā Yog

इस अध्याय में 3 श्लोक हैं।

  1. 9.22
    अनन्य भक्ति — गीता 9.22 का गहरा वचन और असली वादा

    अनन्य भक्ति का असली वादा क्या है? गीता 9.22 में कृष्ण ने योग और क्षेम — दो अलग वचन दिए हैं। इस श्लोक का गहरा अर्थ जानें।

  2. 9.26
    पत्रं पुष्पं फलं तोयं (Patram Pushpam Phalam Toyam) का सच

    Patram Pushpam Phalam Toyam का अर्थ केवल पूजा सामग्री नहीं — गीता 9.26 बताती है असली भेंट क्या मानी जाती है, जानें सरल हिंदी में।

  3. 9.34
    मन्मना भव मद्भक्तो (manmana bhava mad bhakto): साधना के 4 चरण

    Manmana bhava mad bhakto का असली अर्थ क्या है? यह सिर्फ पूजा नहीं, गीता 9.34 में भगवान के 4 गहरे आदेशों को सरल हिंदी में समझें।