
Satish Sahu
Developer, Devotee & Creator of Jaapak
यह ऐप क्यों बनाई
यह ऐप हित श्री पूज्य स्वामी प्रेमानंद जी महाराज से प्रेरित होकर बनाई गई है।
मैं अधम हूँ, बेहतर बनने की कोशिश कर रहा हूँ। पहले मैं नशों में लिप्त था। मगर महाराज जी की कृपा से अध्यात्म मार्ग पर चल पड़ा। नाम जप करने से जो परिवर्तन मेरे भीतर आए, उन्हें शब्दों में बयान नहीं कर सकता।
इंद्रियों पर नियंत्रण आया। विवेक जागृत हुआ। गुस्से पर बहुत नियंत्रण आया है।
समस्या जिसने इस ऐप को जन्म दिया
मैंने जप के लिए काउंटर खरीदे, लेकिन उन्हें हर जगह साथ ले जाना संभव नहीं था। कभी-कभी घर पर ही भूल जाता था।
तभी मेरे मन में आया कि मोबाइल तो हर जगह साथ रहता है, क्यों न इसी से जप की गिनती करूँ? Play Store पर देखा, कुछ ऐप्स मिले भी। मगर ज़्यादातर या तो देखने में अच्छे नहीं थे, या उनमें वो features नहीं थे जो मुझे चाहिए थे।
इसलिए मैंने सोचा कि एक ऐसी ऐप होनी चाहिए जो मेरे 1 करोड़ नाम जप के लक्ष्य को पूरा कर सके। इसीलिए Jaapak बनाने का प्रयास किया।
बनाने में क्या लगा
हर एक छोटे-से-छोटे feature को जोड़ने में, debug करने में कई रातों की मेहनत लगी है। पूरी ऐप को बनाने में लगभग 6 महीने लगे।
शुरुआत में यह सिर्फ़ अपने personal use के लिए बनाना चाहा था। लेकिन जैसे-जैसे features जोड़ता गया, लगा कि यह एक all-in-one ऐप बन सकती है। मेरे जैसे दूसरे जापकों के लिए भी।
आपके लिए
इसीलिए मैंने यह ऐप सबके लिए publish की, ताकि सभी साधक इसका लाभ ले सकें।
ऐप पूरी तरह निःशुल्क है। कुछ विज्ञापन हैं जो server maintenance और ऐप को चालू रखने की लागत को पूरा करने में मदद करते हैं।
राधे राधे